मंडी और कुल्लू को अब यहां से मिलेगी सीधी हेलीकॉप्टर सेवा
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज अपने आधिकारिक आवास ‘ओकओवर’ से मंडी-चंडीगढ़ तथा कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ के बीच संचालित होने वाली दैनिक हेलीकॉप्टर सेवाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया। इन सेवाओं के शुरू होने से प्रदेश के लोगों को तेज, सुविधाजनक और बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध होगा।
भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस-उड़ान) के तहत मंडी-चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर सेवा संचालित की जाएगी, जबकि कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ मार्ग पर गैर-आरसीएस (बाजार आधारित) मॉडल के तहत हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
यह रहेगी हेलीकॉप्टर सेवा की टाइमिंग
निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कुल्लू से हेलीकॉप्टर सुबह 9:00 बजे उड़ान भरेगा और 9:10 बजे मंडी पहुंचेगा। इसके बाद यह 9:15 बजे मंडी से रवाना होकर 9:45 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगा। वापसी में हेलीकॉप्टर सुबह 10:00 बजे चंडीगढ़ से उड़ान भरकर 10:30 बजे मंडी पहुंचेगा तथा 10:35 बजे मंडी से रवाना होकर 10:45 बजे कुल्लू पहुंचेगा।
ये सेवाएं नव-निर्मित कांगनीधार (मंडी) हेलीपोर्ट से संचालित होंगी। आरसीएस-उड़ान योजना के अंतर्गत मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर के लिए किराया 3,500 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर के लिए किराया 8,500 रुपये तय किया गया है। आधुनिक यात्री सुविधाओं और आवश्यक अवसंरचना से सुसज्जित कांगनीधार हेलीपोर्ट क्षेत्र में हवाई सेवाओं के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा।
मंडी और कुल्लू जिलों के लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई संपर्क को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन हेलीकॉप्टर सेवाओं के शुभारंभ के साथ प्रदेश ने हवाई संपर्क के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, आपातकालीन सेवाओं की क्षमता सुदृढ़ होगी तथा स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों को बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।
हर जिला मुख्यालय और प्रमुख पर्यटन स्थल तक मिलेगी हवाई कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हेलीपोर्ट विकास, क्षेत्रीय हवाई संपर्क के विस्तार तथा भारत सरकार और अन्य हितधारकों के सहयोग से आरसीएस-उड़ान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विमानन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार की पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिला मुख्यालय के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमीरपुर जिले के जसकोट, कांगड़ा जिले के रक्कड़ और पालमपुर तथा चंबा के हेलीपोर्ट निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से उच्च श्रेणी के पर्यटकों का हिमाचल आगमन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आय और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि ऊना में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए राज्य सरकार ने धनराशि का प्रावधान कर दिया है, जबकि नाहन और सोलन में भी हेलीपोर्ट निर्माण की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लाहौल-स्पीति जिले के रंगरीक में सेना के सहयोग से एक हेलीपोर्ट का निर्माण भी किया जा रहा है।
इस अवसर पर नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, महापौर सुरेंद्र चौहान तथा पर्यटन निदेशक विवेक भाटिया शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे। वहीं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल, हिमाचल प्रदेश राज्य जल प्रबंधन बोर्ड की उपाध्यक्ष शशि शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी मंडी की अध्यक्ष चंपा ठाकुर, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन तथा पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार वर्चुअल माध्यम से मंडी से कार्यक्रम में शामिल हुए।
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