प्रदेश सरकार ने कांग्रेस हाईकमान के समक्ष रखा हिमाचल की शिक्षा का रिपोर्ट कार्ड
हिमाचल सरकार ने अपने बीते साढ़े तीन वर्षों से अधिक कार्यकार के दौरान स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए किए गए विभिन्न प्रयासों और उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड मंगलवार को कांग्रेस हाईकमान के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बैठक में हिमाचल में शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारात्मक कार्यों की जानकारी साझा की।
बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस शासित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी बैठक में शामिल हुए।
हिमाचल की ओर से स्कूली शिक्षा में किए जा रहे बदलाव, शिक्षकों की नियुक्तियां, उच्च शिक्षा में सुधार, तकनीकी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी हाईकमान को दी गई।
शिक्षकों की बड़े पैमाने पर भर्तियां
सरकार की ओर से बताया गया कि मौजूदा कार्यकाल में शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्तियां की गई हैं। शिक्षक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए युक्तिकरण की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है, जिससे दूरदराज और शिक्षक की कमी वाले स्कूलों में आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराया जा सके।
देश का दूसरा सर्वाधिक साक्षर राज्य
बैठक में हिमाचल की साक्षरता उपलब्धि को भी प्रमुखता से रखा गया। न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम (ULLAS) के तहत प्रदेश ने 99.55 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की है। इसके साथ हिमाचल गोवा के बाद देश का दूसरा सर्वाधिक साक्षर राज्य बना है। इस उपलब्धि के लिए प्रदेश को हाल ही में नई दिल्ली में सम्मानित भी किया गया।
सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम
हिमाचल में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलावों की जानकारी देते हुए बताया गया कि सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा की व्यवस्था शुरू की गई है। शिक्षकों को देश के विभिन्न संस्थानों के साथ-साथ सिंगापुर जैसे देशों में शैक्षणिक भ्रमण और प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। विद्यार्थियों को भी शैक्षणिक एवं एक्सपोजर विजिट के माध्यम से व्यापक अनुभव उपलब्ध कराया जा रहा है।
सरकार की ओर से बताया गया कि इन पहलों के साथ स्कूली शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए कई अन्य कदम उठाए गए हैं। प्रदेश के प्रदर्शन को परख सर्वे, असर रिपोर्ट और परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) जैसे विभिन्न आकलनों में भी दर्ज किया गया है।
तकनीकी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने पर फोकस
बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। सरकार का फोकस आईटीआई, पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग और फार्मेसी संस्थानों के विद्यार्थियों को उद्योगों से जोड़ने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। इसके लिए विभाग की ओर से ‘शिक्षा से रोजगार तक’ मॉडल पर कार्य किया जा रहा है।
इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में शामिल हुए। बैठक में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई।
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