मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बड़सर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया, किए बड़े ऐलान
सीएम सुक्खू ने जल शक्ति विभाग में 4,000 पद भरने की घोषणा की
एमटीडब्ल्यू-आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से किया जा रहा विचार
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह आज हमीरपुर जिले के बड़सर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली।
परेड का नेतृत्व परेड कमांडर एवं पुलिस उप-अधीक्षक प्रणव चौहान ने किया। परेड में राज्य पुलिस, आईआरबी धौलाकुआं, आईआरबी पंडोह, जिला पुलिस हमीरपुर, हरियाणा पुलिस, महिला पुलिस, होमगार्ड तथा यातायात पुलिस की टुकड़ियों ने भाग लिया। सेवन स्टार स्कूल बणी, राजकीय डिग्री कॉलेज बड़सर, ब्राइट सन स्कूल बड़सर तथा न्यू ब्राइट सन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़सर के विद्यार्थियों ने भी मार्चपास्ट में हिस्सा लिया। पुलिस बैंड और होमगार्ड बैंड ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की भव्यता को और बढ़ाया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं कीं--
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इसी माह वेतन बकाया के रूप में अतिरिक्त 20,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
वर्ष 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए तृतीय श्रेणी के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को इसी माह उनकी पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन के बकाया का अतिरिक्त 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा।
इसी प्रकार प्रथम और द्वितीय श्रेणी के पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को भी इसी माह उनके पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन बकाया का 15 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भुगतानों पर सरकार 281 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश भर में 100 नए सीबीएसई स्कूल
इस माह से लेकर 31 मार्च, 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले चिकित्सकों की सेवाएं जारी रहेंगी और वे 31 मार्च, 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।
स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी का तोहफा
मुख्यमंत्री ने कहा कि, एनएचएम हिमाचल प्रदेश के तहत कार्यरत लगभग 9,000 आशा कार्यकर्ताओं को दिए जाने वाले मासिक प्रोत्साहन को 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये किया जाएगा।
एनएचएम हिमाचल प्रदेश के तहत कार्यरत वे कर्मचारी, जिन्होंने अपने वेतन के युक्तिकरण के बाद सात वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें 1 अप्रैल, 2026 से संशोधित वेतन दिया जाएगा।
एनएचएम हिमाचल प्रदेश के तहत कार्यरत आउटसोर्स स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्टों, ऑपरेशन थिएटर सहायकों और प्रयोगशाला तकनीशियनों के लिए 25,000 रुपये प्रतिमाह मिलेगा।
उन्होंने डेटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए 18,000 रुपये प्रतिमाह संशोधित पारिश्रमिक की घोषणा की।
संशोधित पारिश्रमिक 1 सितंबर, 2026 से प्रभावी होगा।
जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4,000 पदों पर होगी भर्ती
मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4,000 पद भरने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों ने प्रदेश के विकास में अमूल्य योगदान दिया है और हमारी सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हमने एनपीएस कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल की है और उन्हें अन्य लाभ भी प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार मल्टी-टास्क वर्कर्स और आउटसोर्स कर्मचारियों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील है। हम उनके मुद्दों से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और उन्हें उचित लाभ प्रदान करने के लिए नीति लाने पर विचार कर रहे हैं।’
‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ होगी शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा हाल ही में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट में वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार को रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, लेकिन अभी और सुधार की गुंजाइश है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने माताओं और बच्चों को बेहतर एवं अधिक पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के लिए ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ शुरू करने का निर्णय लिया है।
इसका पायलट चरण 2 अक्तूबर से प्रदेश के विभिन्न जिलों के 21 आईसीडीएस ब्लॉकों में शुरू किया जाएगा। छह महीने बाद पायलट चरण की समीक्षा की जाएगी और इसके परिणामों के आधार पर योजना को पूरे हिमाचल प्रदेश में लागू किया जाएगा। योजना के तहत माताओं एवं महिलाओं तथा 6 माह से 3 वर्ष तक की आयु के बच्चों को वर्तमान में दिए जा रहे पोषण सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। वर्तमान में दिए जा रहे चावल, दाल, तेल, बिस्किट, पंजीरी और मिल्क पाउडर को अधिक पौष्टिक एवं स्वच्छ तरीके से पैक किए गए प्रीमिक्स खाद्य पदार्थों से बेहतर बनाया जाएगा। इसके अलावा, लाभार्थियों की पसंद के अनुसार सप्ताह में तीन बार दूध या अंडे उपलब्ध करवाए जाएंगे। 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके भोजन को भी उसकी पोषण गुणवत्ता बढ़ाने के लिए और बेहतर बनाया जाएगा।
दो सालों में दुग्ध प्रसंस्करण अधोसंरचना पर 150 करोड़ रुपये खर्च
मुख्यमंत्री ने घोषणा करता हूं कि अगले दो वर्षों में राज्य सरकार सोलन, ऊना, सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू और हमीरपुर जिलों में दुग्ध प्रसंस्करण ढांचे पर 150 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे डेयरी क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी तथा किसानों के लिए बेहतर अवसरों का सृजन होगा।
बागवानों के लिए एक समर्पित बागवानी नीति लागू होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के साथ-साथ राज्य सरकार बागवानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो एक समर्पित बागवानी नीति लागू करेगा। इससे लगभग 82,200 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
2 अक्तूबर से ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों से बातचीत के दौरान उन्हें कई ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बारे में जानकारी मिली, जिनके नाम बीपीएल सूची में शामिल नहीं थे। ऐसे परिवारों की उचित पहचान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष के दौरान आठ चरणों में सर्वेक्षण करवाया। प्रदेश में लगभग 19 लाख परिवारों में से 1.80 लाख परिवारों की पहचान ऐसे परिवारों के रूप में की गई, जिन्हें सरकार से अधिक सहायता और ध्यान की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिवारों का चयन उपायुक्तों के माध्यम से किया गया है और उनके द्वारा अंतिम सूचियां भी अधिसूचित कर दी गई हैं। इन परिवारों के लिए राज्य सरकार 2 अक्तूबर से ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना शुरू करेगी। इसके तहत अगले दो वर्षों में इन परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि अगले दो माह के भीतर योजना के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार की आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। इससे प्रत्येक परिवार को आवश्यक विशेष सहायता की पहचान करने में मदद मिलेगी। केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को इन परिवारों पर केन्द्रित किया जाएगा ताकि वे उपलब्ध अवसरों और कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने इन 1.80 लाख परिवारों की सेवा और कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित रहने का संकल्प लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें से आधे से अधिक परिवार पहले से ही बीपीएल सूची में शामिल हैं, जबकि कुछ परिवार वर्तमान में इसके अंतर्गत नहीं आते। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार बीपीएल परिवारों को दिए जा रहे किसी भी लाभ को न तो कम करेगी और न ही वापस लेगी।
जल्द ही ‘खेलो हिमाचल, चिट्टा-मुक्त अभियान’ भी शुरू किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के सक्रिय सहयोग और समर्थन से हमारी सरकार ने ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ शुरू किया है। अभियान का दूसरा चरण 7 सितंबर, 2026 से ऊना से शुरू किया जाएगा। जल्द ही ‘खेलो हिमाचल, चिट्टा-मुक्त अभियान’ भी शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से युवाओं को खेलों से जुड़ने और स्वस्थ एवं उत्पादक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया को खत्म करने और हिमाचल प्रदेश को नशा-मुक्त राज्य बनाने के लिए सख्त फैसले लिए जा रहे हैं।
साफ पेजयल के लिए 2,000 करोड़ रुपये की व्यापक योजना
सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए कार्य कर रही है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की व्यापक योजना लागू की जा रही है। साथ ही मौजूदा जल ढांचे को मजबूत और पुनर्निर्मित करने तथा भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रही हैं। इन उपायों से पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार होगा तथा राज्य की समग्र जल सुरक्षा मजबूत होगी।
इस अवसर पर राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, सुरेश कुमार, विवेक शर्मा और इन्द्र दत्त लखनपाल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील कुमार शर्मा, पूर्व विधायक मंजीत डोगरा, हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, हिमाचल प्रदेश ओबीसी वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया, नशा मुक्ति बोर्ड के समन्वयक नरेश कुमार, उप समन्वयक संजय भारद्वाज, एपीएमसी अध्यक्ष अजय शर्मा, हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक निगम के अध्यक्ष कर्नल मनीष कुमार, जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर की अध्यक्ष सुमन भारती, वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र वर्मा, सुभाष ढटवालिया और रूबल ठाकुर, मुख्य सचिव के.के. पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उपायुक्त गंधर्वा राठौर, पुलिस अधीक्षक बलबीर ठाकुर तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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