आत्मनिर्भर और विकसित भारत निर्माण में कौशल विकास की भूमिका महत्त्वपूर्णः राज्यपाल
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज जन शिक्षण संस्थान, शिमला द्वारा सरस्वती विद्या मंदिर, शिमला में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर कार्यबल के निर्माण और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए कौशल विकास सबसे मजबूत आधार है।
राज्यपाल ने कौशल प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि कौशल व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है और उसे समाज एवं राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभाने के योग्य बनाता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की कौशल विकास संबंधी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव हिमाचल प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न कौशल विकास योजनाओं की शुरूआत से अब तक प्रदेश के 4,86,288 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा वह इन योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं। यह उपलब्धि युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से संचालित भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं की सफलता को दर्शाती है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 1,77,549 युवाओं, जन शिक्षण संस्थान कौशल विकास योजना के अंतर्गत 95,942 युवाओं, राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना के तहत 48,947 युवाओं तथा शिल्पकार प्रशिक्षण योजना एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से 1,63,850 युवाओं को प्रशिक्षण एवं लाभ प्रदान किया गया है।
स्किल इंडिया मिशन जैसी पहलों ने कौशल विकास को देशव्यापी जन-आंदोलन बनाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्किल इंडिया मिशन, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान जैसी पहलों ने कौशल विकास को देशव्यापी जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्किल, री-स्किल और अप-स्किल मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल परिवर्तन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेजी से बदलते रोजगार बाजार के इस दौर में निरंतर सीखना समय की आवश्यकता बन गया है।
राज्यपाल ने शिक्षा और कौशल विकास के समन्वय पर बल देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता को एकीकृत करने पर विशेष बल दिया गया है, ताकि युवा भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।
उन्होंने जन शिक्षण संस्थान के प्रबंधन, प्रशिक्षकों एवं समूची टीम को युवाओं को सशक्त बनाने तथा एक कुशल एवं आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में उनके योगदान के लिए बधाई दी।
इस अवसर पर विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के सह संगठन मंत्री बाल किशन ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि विद्या भारती शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में संस्कार एवं चरित्र निर्माण का कार्य भी कर रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में विद्या भारती के 1,268 विद्यालय संचालित हैं और यहां से अनेक शिक्षित विद्यार्थी आज विभिन्न उच्च पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। संस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है।
इससे पूर्व, हिमाचल शिक्षा समिति के अध्यक्ष मोहन केस्टा ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा कौशल दीक्षांत समारोह और जन शिक्षण संस्थान की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
जन शिक्षण संस्थान, शिमला की निदेशक मंजुला अत्री ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
प्रशिक्षित महिलाओं ने लगाई गई प्रदर्शनी
कार्यक्रम के उपरांत, राज्यपाल ने कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया तथा उनके उत्पादों में रुचि दिखाई।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, विद्या भारती (उत्तर क्षेत्र) के महासचिव दीला राम चौहान, हिमाचल शिक्षा समिति (विद्या भारती) के महासचिव सुरेश कपिल, योग भारती हिमाचल के संस्थापक श्रीनिवास मूर्ति सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
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