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शिक्षा के लिए अनूठा योगदान: बिमला शर्मा ने स्कूल को दान की 16 बिस्वा भूमि


 

कहा जाता है कि समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम शिक्षा है और शिक्षा के लिए किया गया हर योगदान आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को संवारता है। ऐसे उदाहरण विरले ही देखने को मिलते हैं, जब कोई व्यक्ति अपनी निजी संपत्ति समाज के हित में समर्पित कर दे। सिरमौर जिले के भरूत-नारग की सेवानिवृत्त लाइब्रेरियन बिमला शर्मा ने ऐसा ही प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
बिमला शर्मा एवं उनके परिवार ने पीएम श्री पंडित दुर्गा दत्त राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नारग के लिए विद्यालय परिसर से सटी 16 बिस्वा बहुमूल्य भूमि दान कर शिक्षा और सामाजिक सरोकार की मिसाल कायम की है। इस भूमि का विधिवत पंजीकरण (गिफ्ट डीड) शिक्षा विभाग, हिमाचल प्रदेश के नाम उप तहसील कार्यालय, नारग में कराया गया। बिमला शर्मा लंबे समय तक शिक्षा विभाग में लाइब्रेरियन के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। अपने सेवा काल के दौरान उन्होंने सरकारी विद्यालयों की आवश्यकताओं और बच्चों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाओं के महत्व को करीब से देखा और समझा। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी विद्यालय से सटी भूमि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया।
विद्यालय परिसर से लगी यह भूमि भविष्य में स्कूल के विस्तार और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह योगदान केवल भूमि दान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रेरक संदेश भी देता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य रोहित वर्मा ने कहा कि विद्यालय से सटी यह भूमि अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। बिमला शर्मा का यह योगदान विद्यालय के विकास के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम समाज के अन्य लोगों को भी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।
स्कूल के प्रधानाचार्य रोहित वर्मा, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष अरुण पंवर, विद्यालय परिवार तथा क्षेत्रवासियों ने बिमला शर्मा एवं उनके परिवार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए उनके इस अनुकरणीय योगदान की सराहना की।
 



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