डॉक्टरों को बड़ी सौगात: सुपर-स्पेशियलिटी फैकल्टी को एनपीए, पीजी स्टाइपेंड में इजाफा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल की बैठक में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अंतर्गत कार्यरत मान्यता प्राप्त डीएम (DM), एम.सीएच. (M.Ch.) और डीएनबी (DrNB) सुपर-स्पेशियलिटी योग्यता रखने वाले फैकल्टी सदस्यों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) प्रदान करने को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों के मासिक स्टाइपेंड में भी वृद्धि का निर्णय लिया गया। संशोधित दरों के अनुसार प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को 40,000 रुपये के स्थान पर 50,000 रुपये, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को 45,000 रुपये के स्थान पर 60,000 रुपये तथा तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को 50,000 रुपये के स्थान पर 65,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।
राज्य मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के धनेटा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 75 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है। शिमला जिला के कोटी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को स्तरोन्नत कर 10 बिस्तर क्षमता वाले स्वास्थ्य संस्थान में स्तरोन्नत करने को मंजूरी प्रदान की गई है।
शिक्षकों की राष्ट्रीय- राज्यस्तरीय पुरस्कार राशि बढ़ाई
मंत्रिमंडल ने शिक्षक पुरस्कार नीति के तहत सम्मानित शिक्षकों को दी जाने वाली नकद पुरस्कार राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया। अब राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को 60,000 रुपये के स्थान पर 1.50 लाख रुपये तथा राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को 40,000 रुपये के स्थान पर एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा।
बैठक में नंबरदारों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि को भी मंजूरी दी गई। अब उन्हें 4,500 रुपये के स्थान पर 5,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
आईजीएमसी- टांडा में रेडियोथैरेपी में दो नए कोर्स होंगे शुरू
मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में बी.एससी. मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट) और बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू करने को भी मंजूरी दी। दोनों संस्थानों में इन दोनों पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 30-30 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा विभाग की स्नातकोत्तर एवं सुपर-स्पेशियलिटी (पीजी/एसएस) नीति में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की। संशोधित नीति के अनुसार, स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने के बाद यदि जनरल ड्यूटी अधिकारी (जीडीओ) अथवा प्रत्यक्ष अभ्यर्थी अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (एआईएमएसएस), चमियाना में वरिष्ठ रेजिडेंट के रूप में सेवाएं देते हैं या राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों टांडा, हमीरपुर, मंडी, चंबा और नाहन में रेडियो डायग्नोसिस विशेषज्ञता में कार्य करते हैं, तो उन्हें अनिवार्य फील्ड पोस्टिंग से छूट मिलेगी। एआईएमएसएस, चमियाना तथा आईजीएमसी, शिमला को छोड़कर अन्य राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में रेडियो डायग्नोसिस विशेषज्ञता में दी गई सेवा को फील्ड पोस्टिंग के रूप में मान्यता दी जाएगी। यह प्रावधान अगले छह वर्षों तक प्रभावी रहेगा।
राज्य मंत्रिमंडल ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मंडी, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, सिविल अस्पताल घवांडल तथा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (एआईएमएसएस), चमियाना (जिला शिमला) में स्थापित किए जा रहे पांच क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की खरीद एवं आपूर्ति को मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमंडल ने जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के मंडल संख्या-2 को बिलासपुर से स्थानांतरित कर बिलासपुर जिले के जगतखाना में स्थापित करने को भी मंजूरी दी। इसके अलावा नई सड़क परियोजनाओं तथा मौजूदा सड़कों पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने और सड़क हादसों की गंभीरता घटाने के उद्देश्य से रोड सेफ्टी ऑडिट नीति को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान मछुआरों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 70 प्रतिशत अनुदान पर मछली पकड़ने वाली नौकाएं उपलब्ध कराने को मंजूरी दी। साथ ही कास्ट नेट और गिल नेट सहित रियायती मत्स्य उपकरणों के वितरण के लिए 90 प्रतिशत अनुदान वाली योजना को भी स्वीकृति दी गई, जिसका लाभ भी डीबीटी के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, पात्र लाभार्थियों के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में फसल कटाई के बाद की आधारभूत संरचना और कोल्ड चेन सुविधाओं के विकास हेतु डीबीटी के माध्यम से 70 प्रतिशत अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 5 मीट्रिक टन क्षमता वाले 20 कोल्ड स्टोरेज, 10 फ्रीज-ड्राई यूनिट तथा 20 रेफ्रिजरेटेड वैन स्थापित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू करने का निर्णय
राज्य मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत वार्षिक बंद मत्स्य आखेट (फिशिंग क्लोज्ड सीजन) के दौरान पात्र जलाशय मछुआरा परिवारों को 3,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत एक निजी डेवलपर के सहयोग से शिमला के विकासनगर में बहुउद्देश्यीय वाणिज्यिक परिसर (मल्टीपर्पज कमर्शियल कॉम्प्लेक्स) विकसित करने को भी मंजूरी दी।
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