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सत्ता का सेमीफाइनल हार चुकी कांग्रेस फाइनल खेलने लायक भी नहीं बची : रणधीर शर्मा

 


भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी निकायों के चुनाव परिणामों ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति की दिशा और दशा दोनों स्पष्ट कर दी हैं। जनता ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना फैसला सुना दिया है और भाजपा के पक्ष में अभूतपूर्व जनादेश देकर यह संकेत दे दिया है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का समय निकट है।
शिमला में एक प्रैस काफ्रेंस में रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार शुरू से इन चुनावों को करवाने से बचती रही। कभी पुनर्गठन का बहाना, कभी रोस्टर का बहाना, कभी डिलिमिटेशन का बहाना और कभी अन्य प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर चुनावों को टालने का प्रयास किया गया। सरकार को पहले से आभास था कि जनता के बीच जाने पर उसे करारी हार का सामना करना पड़ेगा। अंततः न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद चुनाव करवाने पड़े और परिणाम वही आए जिसका अंदेशा कांग्रेस को पहले से था। उन्होंने कहा कि चार नगर निगमों में हुए चुनावों में तीन प्रमुख नगर निगमों मंडी, धर्मशाला और सोलन में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। नगर परिषदों में 22 में से 12 और नगर पंचायतों में 25 में से 18 स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर कांग्रेस को करारा जवाब दिया है।
 
 
जिला परिषद में भाजपा समर्थित उम्मीदवार 114 वार्डों में जीते
रणधीर शर्मा ने कहा कि जिला परिषद चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 250 में से 144 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस मात्र 60 सीटों तक सिमट गई। बिलासपुर में कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई। मुख्यमंत्री के गृह जिले हमीरपुर में कांग्रेस की स्थिति बेहद कमजोर रही। कई जिलों में कांग्रेस एक या दो सीटों तक सीमित होकर रह गई। यह परिणाम कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता के गुस्से और निराशा का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति (बीडीसी) चुनावों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है। प्रदेश के 1769 वार्डों में से 1109 वार्डों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस 477 तक सिमट गई। प्रधान और उपप्रधान पदों पर भी 65 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधि भाजपा विचारधारा से जुड़े हुए हैं। 
रणधीर शर्मा ने कहा कि यह केवल चुनावी जीत नहीं है, बल्कि जनता द्वारा कांग्रेस सरकार के खिलाफ सुनाया गया अविश्वास प्रस्ताव है। जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि वह झूठी गारंटियों, खोखले वादों और घोषणाओं की राजनीति से तंग आ चुकी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव होने हैं। यदि सरकार प्रशासनिक दबाव, प्रलोभन या शक्ति का दुरुपयोग कर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास करती है तो भाजपा इसका लोकतांत्रिक और राजनीतिक स्तर पर पुरजोर विरोध करेगी।
 


 

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