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राज्यपाल ने 32 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार, एक शिक्षक को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित



राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में 32 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए तथा वर्ष 2025 के लिए एक शिक्षक को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया।
 राज्यपाल ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी सभी की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान करने की अपनी जिम्मेदारी के प्रति सदैव संवेदनशील होना चाहिए, तभी शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया वास्तव में प्रभावी बन सकती है।
 राज्यपाल ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शिक्षक न केवल विद्यार्थियों के भविष्य बल्कि राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 


राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्य पुस्तकों का ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं होते, बल्कि शिक्षक विद्यार्थियों में मूल्य, चरित्र और आत्मविश्वास का निर्माण भी करते हैं तथा उनके जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी कक्षाओं में आकार लेता है और शिक्षक ही उस भविष्य का निर्माण करते हैं।
 राष्ट्र निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्त्व को रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए युवाओं की सक्रिय और सार्थक भागीदारी आवश्यक होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजबूत और विकसित भारत की नींव के रूप में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं मूल्य-आधारित शिक्षा को उच्च प्राथमिकता दी है।  राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा अब केवल परीक्षाओं और डिग्रियों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसमें ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, नवाचार, अनुसंधान और चरित्र निर्माण पर भी अधिक ध्यान दिया जा रहा है। पीएम श्री स्कूल, निपुण भारत, समग्र शिक्षा, डिजिटल शिक्षा और अटल टिंकरिंग लैब जैसी पहल विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के अवसर प्रदान कर रही हैं।  हिमाचल प्रदेश की शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश ने परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

 

शिक्षकों का समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता प्रदेश के लिए गर्व का विषय
राज्यपाल ने कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों का समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार तब होता है, जब विद्यार्थी उन्हें जीवनभर याद रखें और अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए सार्थक योगदान दें।
 राज्यपाल ने सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि वे ज्ञान एवं संस्कार की रोशनी से आने वाली पीढ़ियों के जीवन को निरंतर प्रकाशित करते रहेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल ने एक स्मारिका का भी विमोचन किया।
 
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भी शिक्षकों को संबोधित किया। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने राज्यपाल का स्वागत किया और स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
 इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोर्टमोर और राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।  इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, प्रधान सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन, राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह तथा अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।


 

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