शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा को ‘हिमाचल रत्न’
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा (IFS) को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिव्य हिमाचल समूह के प्रतिष्ठित ‘हिमाचल रत्न अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। शिमला के होटल पीटरहॉफ में बुधवार को आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राजेश शर्मा सहित प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं और विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया।
हिमाचल प्रदेश की प्रतिभाओं तथा समाज और प्रदेश के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने के लिए दिव्य हिमाचल रत्न अवॉर्ड्स समारोह में मुख्यमंत्री समारोह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में राजेश शर्मा के उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
समग्र शिक्षा निदेशक के तौर पर राजेश शर्मा ने दूरदर्शी सोच, नवाचार और प्रभावी नेतृत्व के साथ प्रदेश की स्कूली शिक्षा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके कार्यकाल में शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्कूल नेतृत्व, वैश्विक शैक्षणिक साझेदारी और विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहलें की गईं।
हिमाचल के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को पहली बार सिंगापुर के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एक्सपोजर टूर पर भेजा गया। शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए Principals Academy, Singapore के साथ साझेदारी की गई। वहीं, University of Cambridge के सहयोग से प्रदेश के 33 हजार से अधिक स्कूली शिक्षकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसी कड़ी में दुनिया की प्रतिष्ठित संस्था UNESCO के साथ साझेदारी कर हिमाचल में HP FUTURES कार्यक्रम लागू किया गया। इसके तहत स्कूलों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के लिए Competency-Based Education, खेलों के माध्यम से Value Education और Greening Education पर कार्य किया जा रहा है।
स्कूल नेतृत्व को मजबूत करने के लिए भी विशेष पहल की गई। स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों को IIM Sirmaur जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे स्कूल नेतृत्व और प्रबंधन की क्षमताओं को और मजबूत किया जा सके।
हिमाचल शिक्षा क्षेत्र में टॉप के राज्यों में शामिल हुआ
इन प्रयासों का सकारात्मक असर राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक उपलब्धियों में भी दिखाई दिया। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) में हिमाचल प्रदेश ने अपनी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार करते हुए 21वें स्थान से देश में 5वां स्थान हासिल किया। वहीं PGI में भी प्रदेश की रैंकिंग में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है और हिमाचल 21वें स्थान से 6वें स्थान पहुंचा। इसी तरह ASER रिपोर्ट में भी हिमाचल को देश के अग्रणी राज्यों में स्थान मिला है।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, दूरदर्शी नेतृत्व और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदान की गई उल्लेखनीय सेवाओं के लिए उनको मिला यह सम्मान पूरे शिक्षा के लिए मिला सम्मान है।
समारोह में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान, डिप्टी मेयर उमा कौशल, उपायुक्त अनुपम कश्यप, एसएसपी गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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