मुख्यमंत्री ने बल्क ड्रग पार्क के साइट डेवलपमेंट व इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों का किया शिलान्यास
हिमाचल प्रदेश के फार्मा सेक्टर को मजबूत करने और बैकवर्ड इंटीग्रेशन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊना जिले के पोलियां में बल्क ड्रग पार्क के साइट डेवलपमेंट एवं इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंजुआना में 8.28 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल की भी आधारशिला रखी। यह हॉस्टल औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराएगा, जिसमें 50 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी।
इस परियोजना को 25 सितंबर 2025 को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है।यह परियोजना उद्योग विभाग के तहत हिमाचल प्रदेश बल्क ड्रग पार्क इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा पर्यावरण मानकों का पूर्ण पालन करते हुए क्रियान्वित की जा रही है।उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित कई गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजना हिमाचल को फार्मास्युटिकल निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाएगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करेगी। मुख्यमंत्री ने बल्क ड्रग पार्क को लेकर चल रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए हिमाचल सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के लिए आगामी जून माह में देश के बड़े फार्मा औद्योगिक घरानों के साथ एमओयू (MoU) किए जाएंगे।
2,071 करोड़ की लागत से बनेगा 1,405 एकड़ में फैला बल्क ड्रग पार्क
1,405 एकड़ में फैली इस परियोजना पर कुल 2,071 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें केंद्र सरकार से लगभग 996.45 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी, जबकि शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी और प्रदेश के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करेगी। जल शक्ति विभाग द्वारा 68.49 करोड़ रुपये की लागत से 15 एमएलडी जल आपूर्ति सहित विभिन्न जल संरचना कार्य किए जा रहे हैं।
परियोजना में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा:हर्षवर्धन चौहान
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि बिजली से जुड़े 32.76 करोड़ रुपये के कार्य तेजी से चल रहे हैं। साइट डेवलपमेंट का कार्य हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड और हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। अब तक 1,109 पेड़ों की कटाई निर्धारित नियमों के तहत की जा चुकी है और लगभग 16 हेक्टेयर क्षेत्र में भूमि समतलीकरण कार्य जारी है।
परियोजना में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसमें 300 टन प्रति घंटे क्षमता वाला स्टीम जनरेशन सिस्टम, 5 एमएलडी का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ZLD), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50,000 टन वार्षिक क्षमता का खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन सिस्टम शामिल है।
8,000 से 10,000 करोड़ का निवेश और 20,000 को रोजगार
यह परियोजना 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करेगी और करीब 20,000 लोगों को रोजगार प्रदान करेगी, जिससे ऊना राष्ट्रीय स्तर पर एक उभरते औद्योगिक हब के रूप में स्थापित होगा।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (HPSIDC) के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, चिंतपूर्णी से विधायक सुदर्शन बबलू, ऊना से पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा, हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान सहित हरोली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, ऊना, टाहलीवाल व गगरेट की औद्योगिक संस्थाओं तथा हिमाचल ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
यह पहल देश को फार्मा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और एपीआई आयात पर निर्भरता को कम करेगी। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश देश की फार्मास्युटिकल ताकत के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
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