हिमाचल में नगर निकायों के चेयरमैन- वाइस चेयरमैन के चुनाव प्रत्यक्ष रूप से नहीं होंगे
हिमाचल में नगर निकायों के चेयरमैन- वाइस चेयरमैन के सीधे चुनाव नहीं होंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा तो हुई, लेकिन इसको लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई। इस तरह अब पहले की तरह ही नगर निकायों के चेयरमैन- वाइस चेयरमैन के चुनाव अप्रत्यक्ष तरीके से ही होंगे। मतलब चुने हुए पार्षद ही चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव करेंगे। शहरी विकास विभाग ने इसे लेकर प्रस्ताव को भेजा था, मगर इसको सिरे नहीं चढ़ाया जा सका।
बता दें कि पूर्व में भी भाजपा सरकार इस तरह का प्रयोग कर चुकी है। इस दौरान सत्तारूढ़ बीजेपी की नगर निगम शिमला के चुनाव में हार हुई थी और माकपा के महापौर और उपमहापौर चुने गए थे। इसके चलते सीधे चुनाव के प्रस्ताव को टालना पड़ा है।
वहीं सरकार ने नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भी निर्णय लिया गया। सरकार ने तय किया कि ‘चिट्टा’ (हेरोइन) तस्करी से जुड़े मामलों में संलिप्त लोगों को चुनाव लड़ने से रोका जाएगा। पुलिस में जिन व्यक्तियों के खिलाफ चिट्टा तस्करी के मामले दर्ज है, वे आगामी पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इसके लिए पंचायती राज संशोधन विधेयक 2026 के ड्राफ्ट को राज्य मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी। पंचायत चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार इसके लिए राज्य विधानसभा में कानून पारित करने जा रही है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में 31 मई से पहले पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में इस निर्णय का सीधा असर चुनावों पर पड़ेगा।
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