टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी व आईटी-आईटीईएस सेक्टर के स्कूली छात्रों की इंटर्नशिप एवं ऑन द जॉब ट्रेनिंग शुरू
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में संचालित वोकेशनल शिक्षा कार्यक्रम के तहत 12वीं कक्षा के टूरिज्म एवं आईटी-आईटीईएस के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप एवं ऑन द जॉब ट्रेनिंग शुरू हो गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश के कुल 457 विद्यार्थियों को तीन दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए प्रदेश से बाहर विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में भेजा गया है।
इस चरण में कुल 457 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें से 221 विद्यार्थी टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से हैं, जिन्हें चंडीगढ़ स्थित ऑर्किड ग्रुप ऑफ होटल्स में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। वहीं 236 विद्यार्थी आईटी-आईटीईएस सेक्टर से हैं, जिन्हें मोहाली स्थित इन्फ्यूट्रिक्स और होपिंग ब्रेन्स (Infutrix and Hoping Brains) संस्थानों में इंटर्नशिप एवं ऑन द जॉब ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है।
टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े विद्यार्थियों को होटल उद्योग के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें फ्रंट ऑफिस, हाउसकीपिंग, फूड एंड बेवरेज सहित होटल प्रबंधन से जुड़े अन्य आवश्यक क्षेत्रों की जानकारी शामिल है। ऑर्किड ग्रुप ऑफ होटल्स के वरिष्ठ प्रबंधक विद्यार्थियों को इन सभी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष रूप से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
आईटी-आईटीईएस विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण
आईटी-आईटीईएस सेक्टर के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पायथन और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल विकसित करने और उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का अवसर मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न वोकेशनल कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। स्कूलों में ऑटोमोटिव, हेल्थ केयर, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, टेलीकॉम, सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर, आईटी-आईटीईएस, बीएफएसआई, रिटेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, प्लंबर, शारीरिक शिक्षा, ब्यूटी एंड वेलनेस, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ाए जा रहे हैं।
कौशल विकास और रोजगार की दिशा में अहम कदमः राजेश शर्मा
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि यह प्रशिक्षण प्रशिक्षण व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। इससे विद्यार्थियों को अपने कौशल को निखारने और संबंधित क्षेत्रों में भविष्य की रोजगार संभावनाओं के लिए स्वयं को बेहतर रूप से तैयार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में व्यावसायिक विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को ही प्रदेश से बाहर औद्योगिक भागीदारों के साथ हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और वास्तविक कार्य अनुभव के लिए भेजा गया है। आने वाले समय में 12वीं कक्षा के अन्य मेधावी व्यावसायिक शिक्षा वाले विद्यार्थियों को भी उत्तरी भारत के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में इसी प्रकार के प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
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